NH-105 पर तेज़ होगी रफ्तार, दरभंगा के दिल्ली मोड़ से 15 KM में शुरू होगा निर्माण कार्य
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 105 (NH-105) के विकास को लेकर दरभंगा के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत–नेपाल के बीच यातायात और क्षेत्रीय संपर्क को मज़बूती देने वाले इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर दरभंगा के दिल्ली मोड़ से 15 किलोमीटर तक फोरलेन निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
इसकी जानकारी स्थानीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने दी। उन्होंने बताया कि NH-105 केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि मिथिलांचल के आर्थिक, सामाजिक और सामरिक विकास की रीढ़ है।

💰 286 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा फोरलेन
सांसद डॉ. ठाकुर ने बताया कि इस परियोजना पर लगभग 286 करोड़ रुपये की लागत आएगी। फोरलेन सड़क निर्माण के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं और निर्माण एजेंसी को हरी झंडी दे दी गई है। निर्धारित समय-सीमा में कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
🏙️ दरभंगा को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से हुई बैठक में दरभंगा की रणनीतिक अहमियत को रखते हुए इस राजमार्ग के उन्नयन पर सहमति बनी थी।
NH-105 के फोरलेन बनने से:
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दरभंगा शहर को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी
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नेपाल सीमा तक आवागमन और आसान होगा
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व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा
✈️ भारतमाला परियोजना से जुड़ेगा दरभंगा
डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बताया कि यह परियोजना भारत सरकार की भारतमाला परियोजना से भी जुड़ी हुई है। इसके तहत:
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दरभंगा एयरपोर्ट
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प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे
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पटना–पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे
से दरभंगा को सीधे जोड़ा जाएगा।
🚧 कई अहम सड़क परियोजनाओं की दी जानकारी
सांसद ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा दरभंगा को जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण सड़क योजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें शामिल हैं:
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एनएच-27 से खजौली बायपास को जोड़ने वाली सड़क
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धनौरा से दरभंगा लिंक रोड
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भारतमाला के तहत उच्च गुणवत्ता वाली फोरलेन सड़कें
इन परियोजनाओं से दरभंगा शहर को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
🌏 नेपाल और मधुबनी से मजबूत होगा संपर्क
NH-105 के फोरलेन बनने के बाद दरभंगा का संपर्क मधुबनी, नेपाल सीमा और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से और मज़बूत होगा। इससे क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी और मिथिला क्षेत्र को राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।
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📌 सांसद का बयान
डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा—
“दरभंगा का विकास मेरी प्राथमिकता है। केंद्र सरकार के सहयोग से मिथिलांचल में सड़क, एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हो रहा है। NH-105 का फोरलेन बनना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।”
विशाखापट्टनम में रेलवे स्थायी समिति की बैठक, विकास परियोजनाओं और वित्तीय प्रबंधन पर हुआ गहन मंथन
विशाखापट्टनम:
आज विशाखापट्टनम में रेलवे की स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह बैठक भारतीय रेलवे की वर्तमान प्रगति, भविष्य की योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन को लेकर अत्यंत अहम मानी जा रही है।
इस बैठक में समिति के माननीय सदस्यगण के साथ-साथ भारतीय रेलवे के शीर्ष अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिससे चर्चा और अधिक व्यापक व सार्थक बनी।
रेलवे के शीर्ष अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता
बैठक में दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक (GM) सहित RITES, RVNL और RailTel के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) की उपस्थिति रही। इन सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत जानकारी साझा की।
अधिकारियों की सहभागिता से यह बैठक न केवल तकनीकी रूप से मजबूत रही, बल्कि नीतिगत और वित्तीय दृष्टिकोण से भी बेहद उपयोगी साबित हुई।

विकास परियोजनाओं और वित्तीय प्रबंधन पर रहा फोकस
बैठक का मुख्य विषय भारतीय रेलवे की विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति और उनके वित्तीय प्रबंधन पर केंद्रित रहा। इसमें विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर चर्चा हुई:
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रेलवे के आधुनिकीकरण की योजनाएँ
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बुनियादी ढांचे के विस्तार से जुड़ी परियोजनाएँ
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समयबद्ध और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन
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तकनीक आधारित समाधान और डिजिटल पहल
इन मुद्दों पर हुए संवाद को दूरदर्शी और राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण बताया गया।
राष्ट्र निर्माण की दिशा में अहम संवाद
बैठक के दौरान यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि भारतीय रेलवे केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की रीढ़ है। रेलवे के विस्तार और आधुनिकीकरण से न केवल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, बल्कि देश के दूर-दराज़ इलाकों तक विकास की धारा भी पहुँचती है।
विशाखापट्टनम पोर्ट पर ऑक्सीजन शिप का अवलोकन
बैठक के उपरांत विशाखापट्टनम पोर्ट पर उस ऑक्सीजन शिप का अवलोकन भी किया गया, जो देश के लिए जीवनरक्षक ऑक्सीजन के परिवहन में अहम भूमिका निभा रहा है।
यह ऑक्सीजन शिप आपदा प्रबंधन और मानवीय सेवा में भारत की तत्परता का एक सशक्त उदाहरण है। कठिन परिस्थितियों में देशवासियों तक आवश्यक संसाधन पहुँचाने की यह क्षमता भारत की मजबूत लॉजिस्टिक व्यवस्था और मानवीय मूल्यों को दर्शाती है।
सेवा, संकल्प और समर्पण के साथ आगे बढ़ता भारत
रेलवे स्थायी समिति की यह बैठक और ऑक्सीजन शिप का अवलोकन, दोनों ही इस बात का प्रमाण हैं कि सेवा, संकल्प और समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण की यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।
भारतीय रेलवे के माध्यम से विकास, सुरक्षा और मानवीय सहायता—तीनों मोर्चों पर देश लगातार सशक्त हो रहा है।



