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मैथिली अकादमी पर ताले के विरोध में बेनीपुर में उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री का पुतला दहन

मैथिली अकादमी में ताला लगाए जाने के विरोध में बेनीपुर में मुख्यमंत्री का पुतला दहन

बेनीपुर।
मैथिली भाषा, साहित्य और संस्कृति की प्रतिनिधि संस्था मैथिली अकादमी में ताला लगाए जाने के विरोध में शनिवार को बेनीपुर प्रखंड मुख्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन मिथिला स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान संगठन के प्रखंड अध्यक्ष गौतम झा के नेतृत्व में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया गया।

मुख्य सड़क पर हुए इस प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई। सरकार विरोधी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर मैथिली अकादमी में ताला लगाए जाने, मिथिला की संस्थाओं की अनदेखी, भाषा एवं संस्कृति की उपेक्षा और सरकार की चुप्पी के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया।

प्रदर्शन के दौरान “मैथिली अकादमी का ताला नहीं, मिथिला का अपमान है”, “मिथिला को उसका हक दो” और “भाषा-संस्कृति की हत्या बंद करो” जैसे नारों से वातावरण पूरी तरह आंदोलित रहा।

मैथिली अकादमी पर ताला मिथिला की अस्मिता पर हमला : गौतम झा

सभा को संबोधित करते हुए मिथिला स्टूडेंट यूनियन के प्रखंड अध्यक्ष गौतम झा ने कहा कि मैथिली अकादमी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में ताला लगना केवल एक कार्यालय का बंद होना नहीं है, बल्कि यह मिथिला की भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक पहचान पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1976 में स्थापित मैथिली अकादमी ने सैकड़ों पुस्तकों के प्रकाशन के माध्यम से मैथिली भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, लेकिन आज कर्मचारियों की कमी, बजट अभाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण इस ऐतिहासिक संस्था को बंद कर दिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर मैथिली भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

आंदोलन पटना तक जाएगा : गोपाल झा

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मिथिलावादी नेता गोपाल झा ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन साहित्यिक धरती बेनीपुर से शुरू होकर पटना तक जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक मैथिली अकादमी से ताला नहीं हटाया जाता, स्थायी नियुक्तियां नहीं की जातीं और मिथिला के साथ न्याय नहीं होता, तब तक यह आंदोलन और तेज किया जाएगा।

उन्होंने सरकार से मांग की कि मिथिला की भाषा-संस्कृति को केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल न किया जाए, बल्कि ठोस नीतियों, पर्याप्त बजट और संस्थागत समर्थन के माध्यम से इसे सशक्त किया जाए।

सरकार को चेतावनी, नहीं तो आंदोलन होगा राज्यव्यापी

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार समय रहते नहीं चेती, तो यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप ले लेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैथिली भाषा आठवीं अनुसूची में शामिल होने के बावजूद आज भी उपेक्षा का शिकार है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

कार्यक्रम में संतोष साहू, गोपाल झा, दीपक वत्स, शिवम झा, नीतीश वत्स, दिलीप पासवान, अरविंद यादव, अमित शर्मा, धनंजय कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे और सभी ने आंदोलन को मजबूती देने का संकल्प लिया।

अधिकार और सम्मान की लड़ाई : मिथिला स्टूडेंट यूनियन

मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि मिथिला के अधिकार, सम्मान और अस्तित्व की रक्षा के लिए है। संगठन ने कहा कि जब तक मैथिली अकादमी को पुनः सक्रिय नहीं किया जाता और मिथिला को उसका हक नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा और इसे निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया जाएगा।

दरभंगा बेनीपुर समाचार

बेनीपुर पूर्वी मंडल के सझुआर गांव में सुशासन दिवस मनाया गया

बेनीपुर पूर्वी मंडल अंतर्गत सझुआर गांव में सुशासन दिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष रजनीश सुंदरम की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन देश के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर राष्ट्रवादी नेता एवं भारत रत्न से सम्मानित श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ की गई। उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करते हुए उनके विचारों पर विस्तार से चर्चा की।

अटल जी के विचार आज भी प्रासंगिक : रजनीश सुंदरम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष रजनीश सुंदरम ने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में राष्ट्रहित, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी सोच, सिद्धांत और सुशासन की अवधारणा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी उनके कार्यकाल में थी।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी जी के बताए मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें तथा जनसेवा को ही अपने जीवन का उद्देश्य बनाएं।

कार्यकर्ताओं की रही सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर मंडल महामंत्री संजय मिश्रा, सुशील साहू, उपाध्यक्ष अजय झा, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष राहुल झा, कुंदन झा, लालटुन दास, अजीत झा, किशन मंडल, गोनर दास, भुवन मंडल, लगन राय, अरुण झा, मनोज दास, मुनींद्र झा एवं नगे दास सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने अटल जी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया तथा सुशासन और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का प्रण किया।

सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ कार्यक्रम

पूरा कार्यक्रम अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। अंत में अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को नमन करते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

बेनीपुर कहाँ है?

युवा एकता मंच आशापुर द्वारा 10वीं कक्षा की प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित, सैकड़ों छात्रों ने लिया भाग

बेनीपुर/आशापुर।
युवा एकता मंच आशापुर की ओर से 10वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए एक प्रतियोगिता परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस परीक्षा में क्षेत्र के सैकड़ों छात्र एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी शैक्षणिक क्षमता का प्रदर्शन किया।

आयोजकों ने बताया कि इस प्रतियोगिता परीक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करना, उन्हें बोर्ड परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार करना तथा उनकी शैक्षणिक तैयारी को और अधिक मजबूत बनाना है। परीक्षा को लेकर छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मिलेगा पुरस्कार

युवा एकता मंच के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले अन्य प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि उनका मनोबल बढ़े और वे आगे भी मेहनत करते रहें।

शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित माहौल में हुई परीक्षा

परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा केंद्र पर बैठने की उचित व्यवस्था, समयबद्ध संचालन और निगरानी की पुख्ता व्यवस्था की गई थी, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

अभिभावकों ने की पहल की सराहना

प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर अभिभावकों में भी संतोष और उत्साह देखा गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए आत्मविश्वास प्राप्त होता है। अभिभावकों ने युवा एकता मंच के इस प्रयास की सराहना की।

भविष्य में भी होंगे शैक्षणिक कार्यक्रम

इस अवसर पर युवा एकता मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी छात्रों के हित में शैक्षणिक, मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।

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