UP Police – लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन #पुलिस_मंथन-2025 का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, पुलिस सुधारों और बीते वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उत्तर प्रदेश की बदली हुई छवि पर मुख्यमंत्री का वक्तव्य
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश को लेकर लोगों की सोच और परसेप्शन में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बदलाव किसी एक कदम का परिणाम नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस के निरंतर, अनुशासित और पेशेवर प्रयासों का प्रतिफल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब प्रदेश को अपराध और अव्यवस्था से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, निवेश और सुशासन का भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरा है।
उत्तर प्रदेश बना ‘रूल ऑफ लॉ’ का प्रभावी मॉडल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश के सामने ‘Rule of Law’ का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस अब केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं रही, बल्कि जनता की सुरक्षा, विश्वास और सेवा का माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पुलिस की कार्यप्रणाली अब
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समयानुकूल
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तकनीकी रूप से सक्षम
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आधुनिक
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और जनसंवेदनशील
हो चुकी है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है।
‘यक्ष’ ऐप का लोकार्पण: बीट पुलिसिंग में तकनीकी सशक्तिकरण
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीट पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ‘यक्ष’ ऐप का लोकार्पण भी किया। इस ऐप को पुलिसकर्मियों और नागरिकों के बीच तेज़, पारदर्शी और तकनीक-आधारित संवाद को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
“तकनीक के माध्यम से पुलिसिंग को मजबूत बनाना आज की आवश्यकता है। ‘यक्ष’ ऐप बीट पुलिसिंग को नई दिशा देगा और पुलिस की जवाबदेही व कार्यक्षमता को और बेहतर बनाएगा।”
पुलिस मंथन-2025: सुधार, रणनीति और भविष्य की दिशा
#पुलिस_मंथन-2025 का उद्देश्य केवल समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य है—
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पुलिस सुधारों पर मंथन
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आधुनिक चुनौतियों पर रणनीति
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साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा और संगठित अपराध से निपटने के उपाय
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पुलिस प्रशिक्षण और संसाधनों का उन्नयन
सम्मेलन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और भविष्य की पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस की उपलब्धियों पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कई उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि
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अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है
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कानून-व्यवस्था को लेकर जनता का भरोसा बढ़ा है
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निवेश और औद्योगिक विकास के लिए सुरक्षित वातावरण बना है
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महिला सुरक्षा और त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया में सुधार हुआ है
उन्होंने कहा कि पुलिस की यह सफलता टीमवर्क, स्पष्ट नीति और मजबूत नेतृत्व का परिणाम है।
जन-विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे संवेदनशीलता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पुलिस को देश की सबसे आधुनिक और भरोसेमंद पुलिस व्यवस्था के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है।
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#पुलिस_मंथन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश — बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार बंदियों की शीघ्र रिहाई में अपनाया जाए मानवीय दृष्टिकोण

लखनऊ में आयोजित #पुलिस_मंथन कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कारागार प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारागारों में निरुद्ध बुजुर्गों, महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों तथा जिनकी सजा अवधि पूरी हो चुकी है, उनके मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र रिहाई की प्रक्रिया को तेज किया जाए।
जेल प्रशासन में मानवीय सोच को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि कानून का पालन आवश्यक है, लेकिन मानवता और संवेदनशीलता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जो कैदी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं या गंभीर बीमारी, वृद्धावस्था अथवा विशेष परिस्थितियों से जूझ रहे हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से जेल में रोके रखना न्याय की भावना के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और प्रशासनिक देरी को समाप्त कर रिहाई की प्रक्रिया को सरल व तेज बनाया जाए।
बुजुर्ग और महिला बंदियों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला बंदी और बुजुर्ग कैदी समाज का संवेदनशील वर्ग हैं। जेलों में इनके साथ व्यवहार, स्वास्थ्य सुविधाएं और कानूनी प्रक्रियाएं विशेष निगरानी में होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि
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वृद्ध बंदियों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं समय पर मिलें
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महिला कैदियों के मामलों में संवेदनशीलता बरती जाए
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गर्भवती या बच्चों के साथ रह रही महिला बंदियों के मामलों में शीघ्र निर्णय लिया जाए
गंभीर रूप से बीमार बंदियों के मामलों में त्वरित कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंभीर बीमारी से ग्रसित कैदियों के मामलों में अनावश्यक कानूनी जटिलताओं से बचते हुए मानवीय आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इलाज के अभाव में किसी भी व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ना सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर तत्काल निर्णय प्रक्रिया अपनाई जाए।
सजा अवधि पूरी कर चुके कैदियों की शीघ्र रिहाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन बंदियों का उल्लेख किया जिनकी सजा अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन प्रशासनिक कारणों से वे अभी भी जेल में हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़े करती है।
उन्होंने निर्देश दिया कि
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ऐसे मामलों की पहचान तुरंत की जाए
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संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जाए
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रिहाई आदेशों को लंबित न रखा जाए
#पुलिस_मंथन: सुधार और संवेदनशील प्रशासन की दिशा
#पुलिस_मंथन कार्यक्रम केवल कानून-व्यवस्था की समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पुलिस और कारागार व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, आधुनिक और मानव-केंद्रित बनाना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज तभी मजबूत होगा, जब न्याय के साथ करुणा और संवेदनशीलता भी साथ चले।
समाज में सकारात्मक संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस निर्देश से समाज में यह संदेश गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। यह कदम न केवल जेल सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को भी मजबूत करता है।




