दिल्ली जंतर-मंतर हिंसा: छात्रों और पुलिस में झड़प, ACP घायल, हाईकोर्ट का बड़ा आदेश | 23 जुलाई 2026
नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन बुधवार देर रात एक बार फिर हिंसक हो गया। रात करीब 8:30 बजे जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस के टॉल्स्टॉय मार्ग के आसपास प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच अचानक झड़प शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में हालात तनावपूर्ण हो गए और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पथराव, धक्का-मुक्की और पुलिस कार्रवाई के कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। इस हमले में ACP कनॉट प्लेस विवेक भगत समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने हालात बिगड़ते देख प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। करीब 15 मिनट तक दोनों ओर से तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसके बाद पुलिस ने इलाके को खाली कराकर स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।
दिन में भी हुआ था टकराव
बुधवार दिन में भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव देखने को मिला था। इस दौरान ACP जय प्रकाश घायल हो गए थे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान अचानक फेंका गया पत्थर सीधे उनके माथे पर आकर लगा, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारी लगातार बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिसके कारण हालात बिगड़े। हालांकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग किया, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। वायरल वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी हाथों में लाठियां लिए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की, पथराव और भगदड़ का दृश्य दिखाई देता है। कई वीडियो में पुलिसकर्मी भीड़ को पीछे धकेलते हुए नजर आ रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। वीडियो फुटेज और CCTV रिकॉर्डिंग के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें।
राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा
हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। अतिरिक्त पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई और वाहनों की जांच शुरू कर दी गई।
एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो के 16 प्रमुख स्टेशन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए थे। सुरक्षा एजेंसियों से अनुमति मिलने के बाद देर शाम सभी स्टेशनों को दोबारा खोल दिया गया। हालांकि इस दौरान हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई मार्गों पर ट्रैफिक भी प्रभावित रहा।
20 जून से जारी है छात्र आंदोलन
जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में यह छात्र आंदोलन 20 जून 2026 से लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले 20 जुलाई को निकाले गए संसद मार्च के दौरान भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। उस समय प्रदर्शनकारी संसद परिसर के निकट पहुंच गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया था। कई लोगों को हिरासत में लिया गया था और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
अभिजीत दीपके ने की अपील
आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल अभिजीत दीपके ने समर्थकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की अपील की। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह करते हुए कहा कि देश को उनकी आवश्यकता है और आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी प्रकार की हिंसा नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने समर्थकों से कानून का पालन करने और किसी भी उकसावे में न आने की अपील की।
RAF जवान पर हमले का मामला दर्ज
दिल्ली पुलिस ने हिंसा के दौरान RAF के एक जवान पर कथित हमले के मामले में FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो में कुछ लोग RAF के वाहन पर पथराव करते और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
हाईकोर्ट ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट में छात्रों के साथ कथित मारपीट के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार और दिल्ली पुलिस को घटना से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए तथा किसी भी महत्वपूर्ण साक्ष्य को नष्ट नहीं किया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी पक्ष द्वारा हिंसा की गई है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख भी निर्धारित की है।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। जंतर-मंतर, संसद मार्ग, इंडिया गेट, कनॉट प्लेस और अन्य संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। कई स्थानों पर ड्रोन कैमरों और CCTV के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी राजधानी में तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
देर रात तक पुलिस ने पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी संभावित घटना को देखते हुए पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
छात्र संगठनों ने भी कहा है कि उनका आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा और वे अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करते रहेंगे। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

