सीतामढ़ी और बिहार के स्कूल, कोचिंग संस्थान 25-28 दिसंबर 2025 तक बंद: शीतलहर के कारण शैक्षणिक गतिविधियां प्रतिबंधित
सीतामढ़ी, बिहार: बिहार में इस बार शीतलहर की गंभीरता के मद्देनज़र प्रशासन ने कई जिलों में सावधानीपूर्वक निर्णय लिया है। सीतामढ़ी जिले में सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालय तथा कोचिंग संस्थानों में 25 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक शैक्षणिक गतिविधियाँ बंद रहेंगी।
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने कहा कि अत्यधिक ठंड और शीतलहर के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए यह निर्णय अनिवार्य रूप से लिया गया है।
सीतामढ़ी में ठंड की स्थिति
सीतामढ़ी जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, दिन का तापमान भी सामान्य से कम है, जबकि रात का तापमान 0 से 2 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
शीतलहर और कोहरे के कारण लोगों की दैनिक जीवनचर्या प्रभावित हुई है। सुबह और रात के समय सड़क पर निकलना मुश्किल हो रहा है, वहीं बच्चों के लिए स्कूल जाना खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन का आदेश और कारण
जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी विद्यालयों तथा कोचिंग संस्थानों को आदेश जारी किया है कि 25 दिसंबर से 28 दिसंबर तक शैक्षणिक गतिविधियाँ स्थगित रहें।
प्रशासन का कहना है कि इस दौरान बच्चों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेष रूप से छोटे बच्चों और छात्राओं के लिए ठंड में लंबे समय तक बाहर रहना खतरनाक हो सकता है।
साहरघाट कहाँ स्थित है?
बिहार के अन्य जिलों में स्कूल और कोचिंग बंद
सीतामढ़ी के अलावा बिहार के अन्य जिलों में भी प्रशासन ने ठंड और शीतलहर के कारण स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। इनमें शामिल हैं:
-
दरभंगा – 25 से 28 दिसंबर तक सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।
-
मधुबनी – शीतलहर के कारण सभी शैक्षणिक संस्थान चार दिनों तक बंद रहेंगे।
-
सहरसा – प्रशासन ने 25 से 27 दिसंबर तक अल्पशिक्षित बच्चों और छात्रों की सुरक्षा हेतु स्कूल बंद करने का निर्णय लिया।
-
समस्तीपुर – ठंड की गंभीर स्थिति के कारण शैक्षणिक गतिविधियां 25-28 दिसंबर तक स्थगित।
-
वैशाली – सभी स्कूल और कोचिंग संस्थान 25 से 28 दिसंबर तक बंद रहेंगे।
-
पश्चिम चंपारण (बेतिया) – ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने 25-27 दिसंबर तक स्कूल बंद रखने का निर्देश जारी किया।
-
पूर्वी चंपारण (सिवान) – ठंड के कारण शैक्षणिक गतिविधियाँ 25-28 दिसंबर तक बंद रहेंगी।
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि इस दौरान बच्चों को ठंड से बचाने के लिए अलाव और गर्म पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जाएँ, विशेष रूप से सरकारी विद्यालयों में।
शीतलहर के स्वास्थ्य प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक ठंड बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
-
बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम, निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
-
बुजुर्ग और संवेदनशील लोग भी हृदय और श्वसन संबंधी रोगों से प्रभावित हो सकते हैं।
-
ठंड में सड़क पर निकलने वाले लोगों को हाइपोथर्मिया और त्वचा संबंधी रोग होने का खतरा रहता है।
इसलिए प्रशासन ने सावधानीपूर्वक निर्णय लिया है कि बच्चों और कर्मचारियों को बाहर निकलने से रोका जाए।
विद्यार्थियों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
सीतामढ़ी और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों और अभिभावकों ने प्रशासन के निर्णय का स्वागत किया है।
विद्यार्थी संघ के प्रतिनिधि ने कहा,
“ठंड में स्कूल जाना मुश्किल होता है। प्रशासन का यह कदम सुरक्षित और उचित है। बच्चों को प्राथमिकता देना चाहिए।”
अभिभावकों का कहना है कि यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिहाज से सही है।
शिक्षकों और कोचिंग संस्थानों की तैयारी
सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों ने ऑनलाइन शिक्षा और गृहकार्य के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने की योजना बनाई है।
कुछ कोचिंग संस्थानों ने ऑनलाइन क्लासेज और वीडियो लेक्चर के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी जारी रखने का सुझाव दिया है।
शिक्षकों ने कहा कि,
“हम विद्यार्थियों की पढ़ाई को रोकना नहीं चाहते, लेकिन उनकी सुरक्षा प्राथमिक है।”
प्रशासन की अन्य सुरक्षा उपाय
बिहार सरकार ने ठंड और शीतलहर के दौरान सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं:
-
स्कूलों के आस-पास अलाव और गर्म पेय पदार्थ की व्यवस्था।
-
सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की पैट्रोलिंग।
-
स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में ठंड से संबंधित आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता।
-
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों के लिए गर्म कपड़े और कंबल वितरण।
प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी स्कूल या कोचिंग संस्थान द्वारा आदेशों की अवहेलना नहीं की जानी चाहिए।
शीतलहर का राज्यभर में प्रभाव
बिहार के कई जिलों में शीतलहर के कारण:
-
दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है।
-
बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ कम हुई है।
-
किसान, रिक्शाचालक, फुटपाथ दुकानदार और गरीब वर्ग के लोगों को अत्यधिक ठंड से संघर्ष करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन सुबह और रात के समय अत्यधिक ठंड बनी रहेगी।
ये भी पढ़े
घटना कैसे सामने आई?
विशेषज्ञों की सलाह
मौसम विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि:
-
गर्म कपड़े और कंबल का इस्तेमाल करें।
-
बच्चों और बुजुर्गों को रात में बाहर निकलने से बचाएं।
-
ठंड में गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें।
-
सर्दी-जुकाम और अन्य रोगों के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा का महत्व
सरकार और कोचिंग संस्थानों ने कहा है कि बंद स्कूलों के दौरान ऑनलाइन शिक्षा और वीडियो लेक्चर के माध्यम से विद्यार्थी अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
इस प्रकार, शैक्षणिक गतिविधियों में रुकावट कम करने के लिए डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
निष्कर्ष
सीतामढ़ी और बिहार के अन्य जिलों में स्कूल और कोचिंग संस्थानों को 25 से 28 दिसंबर 2025 तक बंद करना एक सुरक्षात्मक और आवश्यक कदम है।
-
बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा प्राथमिक है।
-
प्रशासन ने ठंड से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने के लिए सुरक्षा और सुविधा उपाय लागू किए हैं।
-
डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
यह निर्णय यह सुनिश्चित करता है कि ठंड के खतरों के बावजूद शिक्षा और सुरक्षा दोनों का संतुलन बना रहे।

